बौद्ध धर्म और विश्व शान्ति
| Vol-4 | Issue-6 | June 2019 | Published Online: 04 June 2019 PDF ( 281 KB ) | ||
| Author(s) | ||
| निर्मला 1 | ||
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1सहायक प्रोफेसर, वैश्य कन्या महाविद्यालय समालखाt |
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| Abstract | ||
विश्व के सभी धर्मों में बौद्ध धर्म का अद्वितीय स्थान है।बौद्ध धर्म के बारे में लोगों के मन में प्रायः एक भ्रान्ति रहती है की यह मात्र एक धर्म है जो हमें आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करता है। जबकि वास्तव में बौद्ध धर्म सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, आर्थिक एवं राजनीतिक क्षेत्रों में लोक कल्याण की दीक्षा देता है।इस धर्म ने मानवलोक कल्याण की भावना को जन्म दिया और शान्ति का उपदेश दिया।लोगों को समता , करुणा व प्यार के साथ रहना सिखाया । यही कारण है कि जब - जब बौद्ध शासकों का शासन हुआ देश की राजनैतिक व सांस्कृतिक सीमाएं बढ़ती ही गई । उनके समय में भारत कभी परतंत्र नहीं हुआ।विश्व शान्ति के मार्ग में सबसे बड़ी चुनौती राष्ट्रों के बीच में बसी हुई घृणा और हिंसा की भावना है। विभिन्न राष्ट्रों में आपस में वैर भाव फैला हुआ है महात्मा बुद्ध का शान्ति का सन्देश आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना वह पहले थासंसार में मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं है। बौद्ध धर्म लोगों को मानवता और शान्ति का सन्देश देता है कई राष्ट्रों ने बौद्ध धर्म को अपनाकर स्वयं को हिंसा से दूर कर लिया। इन राष्ट्रों में शान्ति स्थापित हो चुकी है। बौद्ध धर्म में समानता , दया , करुणा व परोपकार की भावना आदि गुणों के कारण पूरे विश्व के लोग बौद्ध धर्म के प्रति आकर्षित हो रहे हैं। |
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| Keywords | ||
| बौद्ध धर्म, शांति, शासन | ||
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Statistics
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