प्रधानमंत्री वाजपेयी के कार्यकाल में भारत एवं चीन आर्थिक संबंध: सामान्य विश्लेषण

January-2016 | Published Online: 10 January 2016    PDF ( 124 KB )
Author(s)
महेन्द्र कुमार पुरोहित 1

1शोधार्थी व्याख्याता (राजनीति विज्ञान) राजकीय दरबार आचार्य संस्कृत महाविद्यालय, जोधपुर (राज.)

Abstract

वाजपेयी युग में भारत-चीन सम्बन्धों को नई ऊँचाई प्रदान की। इस युग में परस्पर यात्राओं के आदान-प्रदान एवं परिवर्तित क्षेत्रीय एवं अन्र्तराष्ट्रीय स्थिति का दोनों देशों के आर्थिक, सामरिक एवं राजनैतिक क्षेत्रों पर बहुत प्रभाव पड़ा। 1998 के परमाणु परीक्षण के बाद शिथिल सम्बन्धों को पुनः मधुर बनाने के लिये भारतीय विदेश मंत्री जसवंत सिंह ने चीन की यात्रा की। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने आर्थिक, सामाजिक तथा सांस्कृतिक सहयोग उच्च स्तर पर विकसित करने का निर्णय लिया गया। साथ ही भारत-चीन व्यापार को 2बिलियन डाॅलर से अधिक करने का लक्ष्य भी रखा गया। फरवरी, 2000में भारत ने चीन द्वारा विश्व व्यापार संगठन की सदस्यता प्राप्त करने का समर्थन किया। मई, 2000 में भारत के राष्ट्रपति के.आर. नारायण की चीन यात्रा के दौरान दोनों देशों ने द्विपक्षीय आर्थिक तथा व्यापारिक संबंधों को विकसित करने का निर्णय लिया। 17 जुलाई, 2000 को भारत तथा चीन ने सूचना तकनीकी के क्षेत्र में सहयोग के लिये पहली बार समझौते पर हस्ताक्षर किये।

Keywords
आर्थिक, व्यापार, द्विपक्षीय, भारत, चीन, सूचना तकनीकी।
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