साहित्य में मिथक की अवधारणा
| Vol-2 | Issue-12 | December 2017 | Published Online: 31 December 2017 PDF ( 337 KB ) | ||
| Author(s) | ||
| डॉ. अशोक कुमार 1 | ||
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1उच्च माध्यमिक शिक्षक |
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| Abstract | ||
भारत के प्राचीनतम साहित्य में ज्ञान का भंडार छुपा हुआ है | हमारे देश में जो पहले था वह अब नहीं है |लेकिन जब प्राचीन परंपरा एवं साहित्य की बातें सामने आती हैं तो कुछ आलोचना-प्रत्यालोचना के बाद उसे कभी स्वीकारा जाता है तो कभी नकारा भी जाता है | आज के भौतिकवादी युग में हमारा समाज उसी बात को स्वीकार करता है जो उसके सामने या उसकी जानकारी में घट रहा होता है | जिन तथ्यों से हमारा सामना नहीं हुआ है उसे हम काल्पनिक कहकर नकार देते हैं | ऐसे ही तथ्यों को साहित्य में पौराणिक या मिथ अथवा मिथक नाम दे दिया जाता है | |
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| Keywords | ||
| प्राचीनतम साहित्य, मिथ , मिथक , माइथॉस, बिम्ब- योजना, प्रतीक विधान | ||
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