भारत में जनसंख्या विस्फोट खाद्य सुरक्षा के लिए खतरा

Vol-4 | Issue-02 | February 2019 | Published Online: 20 February 2019    PDF ( 213 KB )
Author(s)
जयप्रकाश जायसवाल 1

1शोधर्थी, भूगोल विभाग, राध्े हरि राजकीय पोस्ट ग्रेजुएट काॅलेज, काशीपुर उद्यमसिंह नगर ;उत्तराखंड वुफमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल

Abstract

जनसंख्या मानव भूगोल का मूल तत्व है। यह प्रकृति में गतिशील है। जनसंख्या के गतिशील चरित्रा के कारण यह दिन-प्रति खतरनाक स्थिति तक बढ़ रहा है। दूसरी ओर खाद्य उत्पादन सीमित है। जो लोगों के आहार जरूरतों एवं खाद्य प्राथमिकताओं को पूरा नहीं कर पा रही है। इसी कारण जनसंख्या की बढ़ती हुई दर खाद्यान्न संकट की ओर ले जाती है। यह किसी भी देश के आर्थिक विकास को क्षति पहुँचा सकती है। किसी भी राष्ट्र की समृद्धि  एवं खुशहाली के लिए खाद्य सुरक्षा मेरूदंड है और किसी राष्ट्र का स्वास्थ्य प्रत्यक्षतः इससे जुड़ा हुआ है। इसलिए इस शोध्-पत्रा का उद्देश्य भारत में तेजी से बढ़ती जनसंख्या के कारणों का विश्लेषण करना और खाद्य सुरक्षा पर इसके प्रभावों की चर्चा करना है। इसके अतिरिक्त यह प्रयास है कि जनसंख्या को नियंत्रित करके खाद्य सुरक्षा के लिए उपयोगी उपायों को प्रस्तुत करना ताकि सभी लोगों को प्रत्येक समय ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सस्ती कीमत पर स्वस्थ जीवन-यापन करने के लिए पर्याप्त सुरक्षित और पौष्टिक भोजन प्राप्त हो सके।

Keywords
जनसंख्या, राष्ट्र का स्वास्थ्य, ग्रामीण, शहरी
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