बनारस की सामाजिक व्यवस्था: सामान्य अवलोकन

Vol-4 | Issue-9 | September 2019 | Published Online: 16 September 2019    PDF ( 270 KB )
Author(s)
प्रशांत कुमार बौद्ध 1

1शोधार्थी, राजस्थान केन्द्रीय विश्विद्यालय

Abstract

वाराणसी नगर पौराणिक मान्यताओं के आधार पर एक परम्पराजनित नगर कहा गया हैं रेडफील्ड  के अनुसार वाराणसी को वस्तुतः एक ग्रामीण नगर माना जाना चाहिए। बेयर की शब्दावली में वाराणसी एक धार्मिक नगर है न कि धर्म निरपेक्ष, अपने दो नामों काशी और वाराणसी के मुकाबले बनारस अधिक प्रचलित है। मिल्टन सिंगर के नगरीय विश्लेषण के प्रकृति के आधार पर वाराणसी एक धर्म विषयक नगर (आर्थोजेनटिक सिटी) कहा जा सकता है। यद्यपि सामाजिक आर्थिक विकास की दशायें तथा 20वीं शताब्दी के तकनीकी औद्योगिक प्रभावों में वाराणसी के मौलिक संरचना को भी प्रभावित किया है। अतः इसकी प्रवृत्ति केवल परम्परागत धर्म विषयक नगर के रूप में नहीं बल्कि परम्परागत और आधुनिकता के समन्वय में उभरने वाले एक विशिष्ट नगर के रूप में विकसित हुआ है।

Keywords
मिल्टन, सामाजिक, अभिवृद्धि, प्रवजन, जेनेरेटिव सिटी, धनवन्तरी
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