बच्चों में कुपोषण: कारण, लक्षण और उपचार

Vol-4 | Issue-8 | August 2019 | Published Online: 16 August 2019    PDF ( 120 KB )
Author(s)
हिरामन महतो 1
Abstract

कुपोषण वह स्थिति है जब आपके बच्चे को आवश्यक पोषक तत्व, खनिज और कैलोरी प्राप्त नहीं होते हैं जो पर्याप्त मात्रा में बच्चे के महत्वपूर्ण अंगों के विकास में मदद करते हैं। आपके बच्चे का रोग मुक्त और स्वस्थ जीवन जीने के लिए पोषक तत्व महत्वपूर्ण है। पर्याप्त पोषण की कमी से शारीरिक और व्यवहारात्मक दोनों से संबंधित कई विकार हो सकते हैं। कुपोषण और भूख एक समान नहीं है, हलांकि दोनों संबंधित हो सकते हैं। भूख तब लगती है जब पेट खाली होती है जबकि कुपोषण पर्याप्त पोषक तत्वों की कमी के कारण होता है। कुपोषित बच्चों मंे शारीरिक कमियों का खतरा हो सकता है जिसके परिणामस्वरूप विकास अवरुद्ध हो सकता है या कोई रोग हो सकता है। अच्छा पोषण आपके बच्चे खासकर शुरुआती वर्षों के दौरान के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। वैसे तो हर व्यक्ति को पोष्टिक भोजन लेना बहुत जरूरी होता हैं। लेकिन यह गर्भावस्था के समय में लेना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि इससे आपके बच्चे की सेहत भी जुड़ी होती है। जन्म के बाद भी बच्चे को कम कम दो साल तक केवल पौष्टिक आहार ही देना चाहिए। क्योंकि गर्भावस्था और जन्म के बाद के शुरुआती वर्ष मस्तिष्क और अन्य महत्वपूर्ण अंगों के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। बच्चे के संपूर्ण विकास को सुनिश्चित करने के लिए विटामिन, कैल्शियम, आयरन, वसा और कार्बोहाइड्रेट जैसे पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित आहार बच्चे को देना बहुत महत्वपूर्ण है।

Keywords
कुपोषण, गर्भावस्था, पोषक तत्व, संतुलित आहार, खनिज, कार्बोहाइड्रेट।
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