जम्मू संभाग में शांति की चुनौतियाँ

Vol-6 | Issue-09 | September-2021 | Published Online: 15 September 2021    PDF ( 295 KB )
DOI: https://doi.org/10.31305/rrijm.2021.v06.i09.022
Author(s)
रोहित शर्मा 1

1पी-एचडी शोध छात्र- गांधी एवं शांति अध्ययन विभाग, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा

Abstract

शांति वर्तमान समय की सबसे जरूरी व महत्वपूर्ण आवश्यकताओं में से एक है। विश्व पटल पर कई ऐसी घटनाएँ हमारे इर्द-गिर्द घटित हो रही हैं जिनका सीधा प्रभाव व्यक्ति, समाज व किसी राष्ट्र की शांति व जीवन पर पड़ता है और शांति के लिए चुनौतियाँ भी उत्पन्न होती है। कई वैश्विक समस्या अथवा संघर्ष की घटनाएँ हमारे सामने हैं जिनमें दो-दो विश्वयुद्ध हैं फिर शीतयुद्ध का दौर उसके बाद आतंकवाद का प्रकट होना। इन सबसे सीधा प्रभाव शांति पर पड़ता है। जम्मू व कश्मीर भारत के विभाजन के समय से ही शांति की चुनौतियों से झूझ रहा है जिसका कारण पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद, सीजफायर का निरंतर उल्लंघन व पाकिस्तानी कूटनीतिक चालें आदि कई सामस्याओं से शांति के लिए चुनौतियाँ देखने को मिलती है। इसका सीधा प्रभाव जम्मू संभाग के विकास व स्थानीय शांति पर भी पड़ता दिखता है और यह एक घंभीर समस्या है।

Keywords
शांति, चुनौतियाँ, सीजफायर, आतंकवाद।
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