छत्तीसगढ़ में ई-पुस्तकालय की भविष्य में प्रासंगिकता पर: एक अध्ययन
| Vol-4 | Issue-03 | March 2019 | Published Online: 13 March 2019 PDF ( 444 KB ) | ||
| Author(s) | ||
| धनकुमार महिलाँग 1; डाॅ. संगीता सिंह 2 | ||
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1शोधार्थी एम.फिल. पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान, डाॅ. सी.वी. रामन विश्वविद्यालय, करगी रोड कोटा, बिलासपुर (छ0ग0) 2शोध निर्देशिका विभागाध्यक्ष/ग्रंथपाल विभाग-पुस्तकालय एवं सचूना विज्ञान डाॅ. सी.वी. रामन विश्वविद्यालय, बिलासपुर (छ0ग0) |
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| Abstract | ||
प्रस्तुत लेख छत्तीसगढ में ई-पुस्तकालय की भविष्य मे प्रासंगिकता को दर्शाता है। अध्ययन हेतु छत्तीसगढ़ के 5 विश्वविद्यालयों के ग्रंथपाल, 20 महाविद्यालय के ग्रंथपाल, 20 सूचना प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ, 10 विषय विशेषज्ञ प्राध्यापक, 10 शोधार्थी, तथा 20 विद्यार्थियों सहित कुल 100 व्यक्तियों से प्रश्नावली के माध्यम से रेंडम सेम्पलिंग तकनीक के द्वारा डेटा संकलन किया गया है। जिसमें ई-पुस्तकालय की भविष्य में प्रासंगिकता क्या होगी और कहां तक पहंुचाया जा सकता है को ज्ञात किया जाएगा। |
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| Keywords | ||
| ई-पुस्तकालय, ग्रंथपाल, विद्यार्थी-शोधार्थी छत्तीसगढ़। | ||
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