ग्रामीण महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक स्थिति: बिहार राज्य के रोहतास जिला के संदर्भ में
| Vol-2 | Issue-9 | September 2017 | Published Online: 15 September 2017 PDF ( 230 KB ) | ||
| Author(s) | ||
| Dr. Kumari Sushma 1 | ||
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1Assistant professor, Deptt. Of Poltical Science, Ram Narayn Shah Sarvodaya Mahavidaya , Ganjbharasra , Rohtas |
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| Abstract | ||
समाज की स्थिति उस समाज में महिलाओं की दशा को देखकर ज्ञात की जा सकती है। परिस्थिति और कालखंड के अनुसार महिलाओं की सामाजिक स्थिति में परिवर्तन होता रहा है। समाज के निर्माण में महिलाओं की भूमिका उतनी ही प्रमुख होती है जितनी कि शरीर को जीवित रखने के लिये जल, वायु और भोजन की आवश्यकता होती है। भारत के संविधान में पुरूषों एवं महिलाओं को समान दर्जा और अधिकार दिये जाने के बावजूद इस तथ्य से इंकार नहीं किया जा सकता कि विकास और सामाजिक स्तर की दृष्टि से महिलायें अभी भी पुरूषों से काफी पीछे है।कार्य में दक्षता, योग्यता एवं कुशलता होने के बावजूद महिलाओं को सामाजिक पहचान पुरूषों के समान प्राप्त नहीं हो सका है। आर्थिक पराधीनता और आश्रित स्थिति के कारण महिलायें आर्थिक उत्पादन के कार्यों से विरत रही है। प्रस्तुत शोध आलेख के द्वारा ऐसी महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का अध्ययन किया गया है जो बिहार राज्य के रोहतास जिला के ग्रामीण क्षेत्रों से संबद्ध हैं। रोहतास जिला मे ग्रामीण महिलाओं की वर्तमान सामाजिक और आर्थिक स्थिति के अध्ययन में उन तमाम महत्पपूर्ण आयामों का अवलोकन किया गया है जो अध्ययन के लिए आवश्यक और अनिवार्य है। |
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| Keywords | ||
| परिस्थिति, सामाजिक स्तर, समान दर्जा, पराधीनता, आश्रित | ||
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