वर्तमान समय में महिलाओं की दशा
| Vol-4 | Issue-6 | June 2019 | Published Online: 12 June 2019 PDF ( 119 KB ) | ||
| Author(s) | ||
| कुमारी रेखा 1 | ||
|
1शोधार्थी, गृह विज्ञान विभाग, जय प्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा |
||
| Abstract | ||
महिलाओं के प्रति पुरूषों का यह दुराग्रह पूरे समाज के आचरण में झलकता है। परिवार, समाज तथा सार्वजनिक जीवन के विभिन्न क्षे़त्रों में लड़कियों व महिलाओं को महत्वहीन समक्षना, उनके परिश्रम तथा कौशल का कोई मूल्य न आंकना, उन्हें केवल भाग तथा वंश को आगे बढ़ाने का साधन मानना, लड़को की राय को लड़कियों की राय से अधिक महत्व देना, दहेज वेश्यावृति, विधवा विवाह रोक, सती जैसी सामाजिक परंपराओं के जाल में उन्हे बांँध कर रखना तथा इसी तरह की असंख्य प्रथाएँ एवं मान्यताएँ पुरूष को शासक और महिला को शासित बनाती है। कुछ चिंतनशीन लोगों के प्रयासों से महिला अधिकारों के बारे में जागरूकता कर स्तर बढ़ने और न्याय व अधिकार पाने की संधर्षशीलता में वृद्धि के बावजूद यह नही लगता कि नारी शोषण, अत्याचार, हिंसा और भेदभाव से मुक्त हो गई हैं। आंकड़ो पर भरोसा किया जाए तो तस्वीर अधिक भयावह बनकर सामने आती है। |
||
| Keywords | ||
| नारी शोषण, अत्याचार, हिंसा | ||
|
Statistics
Article View: 754
|
||

