वर्तमान परिदृश्य में गाँधी के विचारों की प्रसांगिकता
| Vol-5 | Issue-12 | December-2020 | Published Online: 14 December 2020 PDF ( 118 KB ) | ||
| DOI: https://doi.org/10.31305/rrijm.2020.v05.i12.024 | ||
| Author(s) | ||
| प्रवीण कुमार 1 | ||
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1शोधार्थी, राजनीति विज्ञान विभाग, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर (राज.) |
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| Abstract | ||
गाँधी दर्शन के अतिरिक्त संकालिक युग में वैज्ञानिक दर्शन, माक्र्सवाद एवं अस्तित्ववाद सर्वाधिक प्रभावी एवं चर्चित जीवन दर्शन है। विज्ञान की उपलब्धियों एवं अनुसंशानों ने मनुष्य को चमत्कृत कर दिया है। प्रतिक्षण अनुसंधान हो रहे है। जिन घटनाओं को न समझ पाने के कारण उन्हें अगम्य रहस्य मान लिया गया था वे आज अनुसंधेय हो गयी है। तत्वचिन्तकों ने सृष्टि की बहुत-सी गुत्थियों की व्याख्या परमात्मा एवंमाया के आधार पर की। इस कारण उनकी व्याख्या इस लोक का यथार्थ न रहकर परलोक का रहस्य बन गयी। आज का व्यक्ति उस रहस्य के बारें में भी जानना चाहता है। अन्वेषण का जिज्ञासा बढ़ती जा रही है। आज जितना भौतिक विकास हुआ है, वह आज के पहले कल्पनातीत था। मगर इसके साथ यह भी तथ्य है कि भौतिकवादी प्रगति एवं विकास के बावजूद मनुष्य सुखी रही है। व्यक्ति की चेतना क्षणिक, संशयपूर्ण एवं तात्कालिकता में केन्द्रित होती जा रही है। सम्पूर्ण भौतिक सुखों को अकेला ही भोगने की दिशा में व्यग्र मनुष्य अन्ततः अतृत्ति का अनुभव कर रखा है। वैज्ञानिक विकास को कारण हमने जिस शक्ति का संग्रह किया है, उसका उपयोग किस प्रकार हो, प्राप्त गति एवं ऊर्जा का नियोजन किस प्रकार हो- यह आज के युग की जटिल समस्या है। वैज्ञानिक दर्शन की सीमा विज्ञान की सीमा के कारण भी स्पष्ट है। विज्ञान बुद्धि एवं तर्क मात्र के आश्रित है। मानवीयता एवं सामाजिकता केवल तर्क एवं बुद्धि से संगठित नहीं होते। उनके संगठन में तर्क एवं बुद्धि के अतिरिक्त कल्पना, मनोभाव एवं संवेगों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जीवन में केवल बुद्धिजगत के ही नहीं अपितु भावजगत के तत्व भी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह करते है। गाँधी ने विज्ञान की विकासवादी एवं तार्किक दृष्टि का समर्थन किया तथा प्रतिपादित किया कि निरंतर विकास जीवन का नियम है। इतना होते हुए भी वे इस बात के लिए सजग रहे कि विज्ञान को अपना कार्य मानवता के हित के लिए करना चाहिए।1 |
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| Keywords | ||
| सत्य, अहिंसा, सविनय अवज्ञा, परमात्मा, चमत्कृत। | ||
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