राजस्थान की मेवाड़ी संस्कृति का सामाजिक, राजनैतिक और ऐतिहासिक अध्ययन
| Vol-5 | Issue-01 | January 2020 | Published Online: 16 January 2020 PDF | ||
| DOI: https://doi.org/10.31305/rrijm.2020.v05.i01.052 | ||
| Author(s) | ||
| Harish Tripathi 1; Dinesh Mandot 2 | ||
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1Research Scholar (History), Bhagwant University, Ajmer, Raj. India 2Research Supervisor, Dr Dinesh Mandot, Bhagwant University, Ajmer, Raj. India |
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| Abstract | ||
यह शोध प्रबंध ’’राजस्थान की मेवाड़ी संस्कृति का सामाजिक, राजनैतिक और ऐतिहासिक अध्ययन’’ विषय पर आधारित है, जिसका उद्देश्य मेवाड़ क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक ढाँचे, राजनीतिक संरचना और ऐतिहासिक विकास क्रम का समग्र विश्लेषण करना है। मेवाड़, जो कि वर्तमान में उदयपुर जिले के अंतर्गत आता है, ऐतिहासिक रूप से वीरता, स्वाभिमान और सांस्कृतिक गरिमा का प्रतीक रहा है। इस अध्ययन में मेवाड़ की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है, जिसमें राणा हमीर, महाराणा प्रताप, और महाराणा कुंभा जैसे शासकों की भूमिका का उल्लेख विशेष रूप से किया गया है। सामाजिक संरचना, जातिगत विभाजन, लोक-परंपराएँ, रीति-रिवाज, त्यौहार तथा पारिवारिक जीवन की समीक्षा के माध्यम से क्षेत्रीय जीवनशैली को समझने का प्रयास किया गया है। साथ ही, कला, स्थापत्य, चित्रकला, हस्तशिल्प, लोकनृत्य व संगीत जैसी सांस्कृतिक विधाओं के योगदान को रेखांकित किया गया है। प्रशासनिक व्यवस्था, न्याय प्रणाली, कर नीति और युद्ध संगठन की विश्लेषणात्मक समीक्षा के माध्यम से मेवाड़ के कुशल राजनैतिक तंत्र को समझाया गया है। अंततः आधुनिक समय में मेवाड़ी संस्कृति में हो रहे बदलावों जैसे पहनावे, भाषा, खानपान, जीवनशैली और परंपराओं में आ रहे परिवर्तनों का विवेचन करते हुए, सांस्कृतिक संरक्षण के उपायों और चुनौतियों को भी रेखांकित किया गया है। यह अध्ययन दर्शाता है कि मेवाड़ की संस्कृति एक जीवंत धरोहर है, जिसे न केवल स्मृति में, बल्कि व्यवहार में जीवित रखना वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी है। |
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| Keywords | ||
| सामाजिक संरचना, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, राजनैतिक व्यवस्था, प्रशासनिक संरचना, लोक परंपराएँ, सांस्कृतिक विरासत, स्थापत्य कला इत्यादि। | ||
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