माखनलाल चतुर्वेदी ’एक भारतीय आत्मा’ और ’पुष्प की अभिलाषा’

Vol-1 | Issue-5 | May 2016 | Published Online: 26 May 2016 PDF
Author(s)
डॉ० किरण कुमारी 1

1असिस्टेन्ट प्रोफेसर, स्नातकोत्तर हिन्दी विभाग, डोरण्डा महाविद्यालय,राँची

Abstract

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रवीणा के अमर गायक थे, जवानी के सन्देशवाहक थे। काल की दृष्टि से वे द्विवेदी युगीन, पर भावधारा की दृष्टि से पूर्णतः आधुनिक थे। उन्हें बलिदान का व्याख्याता भी कहा जा सकता है। ’एक भारतीय आत्मा’ उनका उपनाम था! पराधीन राष्ट्र को उन्होंने स्वाधीनता का मन्त्र सुनाया, राष्ट्र के प्राणों में उत्साह और उमंग का संचार किया और भारत माता की जय बोलते हुए सिर पर कफन बाँधकर युवकों को हँसते-हँसते आत्मविसर्जन की प्रेरणा दी।

Keywords
राष्ट्रीय भावधारा, देशभक्ति, आत्मोत्सर्ग, राष्ट्रप्रेम, पराधीनता काल, ओजपूर्ण साहित्य, पुष्प की अभिलाषा।
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