भूमंडलीकरण एवम् वित्तीय संस्थायें

Vol-4 | Issue-02 | February 2019 | Published Online: 20 February 2019    PDF ( 122 KB )
Author(s)
निलेश पंत 1

1शोध छात्र, जी0बी0 पंत संस्थान, प्रयागराज

Abstract

भूमंडलीकरण एक प्रक्रिया है जिसमें विश्व के अनेक देश सूचना और तकनीकों के माध्यम से आपस में जुड़ जाते हैं। विश्व में एक स्थान पर होने वाली घटना सुगमतापूर्वक पहुँच जाती है। यातायात के माध्यम से व्यापार मंे भी वृद्धि देखी जा सकती है। भूमण्डलीकरण को लेकर दो प्रकार की विचारधाराओं को देखा जा सकती है, प्रथम-भौतिक संसाधन एवं तकनीकी का इस्तेमाल करना पश्चिमी प्रकार का भूमण्डलीकरण माना जा सकता है। वहीं द्वितीय परिभाषा में संसाधन के साथ-साथ वैचारिक समन्वय भी आवश्यक माना गया है क्योंकि मनुष्य की भौतिक आवश्यकता संतुष्ट नही होती है। आवश्यकता सिर्फ इस बात की है कि कैसे मानव उपलब्ध संसाधनों का उचित इस्तेमाल करे तथा मानसिक संतुष्टि को प्राप्त करें। अर्जुन अप्पादोराय ने भूमण्डलीकरण की प्रक्रिया में ग्रामीण जीवन को भी समावेश किया जिसको वो ‘ग्लोकलाइजेशन’ नाम देते हैं इसमें वैश्वीकरण एवं घरेलू स्तर पर समन्वय स्थापित कर नागरिक अपना विकास करता है लेकिन वैश्विक स्तर पर भूमण्डलीकरण को आगे बढ़ाने का कार्य प्रथम विचारधारा के आधार पर भी विभिन्न संस्थाओं द्वारा किया जाता है जिसका विस्तारपूर्वक वर्णन नीचे किया गया है।

Keywords
ब्रेटन वुड्स, गैट, अमरीका एवं अन्तर्राष्ट्रीय संस्थान।
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