फुटपाथ पर पलता बचपन : संघर्ष के आयाम
| Vol-4 | Issue-5 | May 2019 | Published Online: 25 May 2019 PDF ( 456 KB ) | ||
| Author(s) | ||
| कीर्ति शर्मा 1 | ||
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1 पीएच.डी शोधार्थी |
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| Abstract | ||
प्रस्तुत शोध पत्र में फुटपाथ पर जीवनयापन करने वाले बच्चों के संबंध में अध्ययन किया गया है। जब कभी भी बच्चों के विषय में बात की जाती है तो सबसे पहले उनके स्वास्थ्य, शिक्षा व सुरक्षा पर ध्यान दिया जाता है। ऐसा माना जाता है कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सबसे जरूरी है कि, उन्हें इन मूलभूत जरूरतों के लिए किसी भी प्रकार का संघर्ष ना करना पड़े। इसके साथ ही बच्चों के संबंध में सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनाएं भी चलाई जा रही हैं। परंतु यह सब सुविधाएं उन बच्चों के लिए नहीं है जो फुटपाथों पर रहने को मज़बूर है। जिनके लिए सड़क ही उनके रहने, खेलने व रोज़गार का एकमात्र स्थान है । वर्तमान में इन बच्चों के जीवन संघर्ष व परिस्थितियों को बहुत ही गंभीरता से देखने व समझने की आवश्यकता है। |
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| Keywords | ||
| मानवाधिकार, फुटपाथ, यूनिसेफ़, स्ट्रीट चिल्ड्रेन, शहरीकरण, शोषण, संयुक्त राष्ट्र, जनसंख्या विस्फोट, बेरोज़गारी, पारिवारिक विघटन, तस्करी। | ||
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