पाकिस्तान की परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम की स्थिति भारत के संदर्भ मेंः एक समीक्षा
| Vol-4 | Issue-12 | December 2019 | Published Online: 16 December 2019 PDF ( 412 KB ) | ||
| Author(s) | ||
एस0 सी0 श्रीवास्तव
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1रक्षा अध्ययन विभाग, जे0 पी0 पी0 जी0 कालेज, वाराणासी.-यू0पी0.-221302 |
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| Abstract | ||
पाकिस्तानी आणविक कार्यक्रम का संस्थापक अब्दुल कादिर खान को माना जाता है। पाकिस्तान की परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम और उसकी योजनाओं का आकलन किया जाय तो यह निश्चित रूप से कहा जा सकता है कि उसके परमाणु कार्यक्रम की अधारशिला ही परमाणु बम में रखी गई थी पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम का मुख्य आधार जहाॅ परमाणु शक्ति प्राप्त करना रहा वही भारत से प्रतिस्पर्धा करते हुए भारत से शक्तिशाली बनने के सपने भी देखता रहा है। आज के विकासशील देशों में सबसे प्रमुख देश पाकिस्तान है, जो ‘इस्लामिक बम’ बनाने की पूरी कोशिश कर रहा है तथा उसे बराबर विश्व के लगभग विकसित देशों के परमाणिवक तकनीकी तथा सामग्री की सप्लाई हो रही है। चीन हमेशा पाक का समर्थक रहा है। चीनी नीति ‘‘अपने दुश्मन का दुश्मन अपना दोस्त होता है की उक्ति भारत के बारे में बिल्कुल सत्य साबित होती है। पाकिस्तान की राजनीति में हमेशा कुल काॅटे मौजूद रहे हैं, लेकिन अब वे और उभर उठे हैं और उनके पीड़ादायक बनने में भी समय नहीं लगा। उसके कई सरकारी संस्थानों एवं पाकिस्तान का आलीशान सचिवालय तक के नीलाम होने की नौबत आ गई है। राष्ट्रीय गौरव की नई बुलन्दियों पर दर्शाने वाले परमाणु परीक्षणों के बाद पाकिस्तान में उभारे गये माहौल की घड़ी में बने ये हालात एक प्रकार का शोक भरा पाश्र्व संगीत है और यह उनकी सजा है। |
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| Keywords | ||
| परमाणु, इस्लामिक बम, पाकिस्तान की तकनीकी परमाणु शक्ति तथा सुरक्षा | ||
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