छात्रों के जीवन में समायोजन एवं व्यक्तित्व गुणों के महत्व का अध्ययन

Vol-4 | Issue-5 | May 2019 | Published Online: 25 May 2019    PDF ( 232 KB )
Author(s)
कल्पना चौधरी 1; डॉ. डी. के. झा 2

1शोधकर्ता शिक्षा शास्त्र विभाग मेवाड़ यूनिवर्सिटी, गंगरार, चित्तौड़गढ

2प्रिंसिपल, आई ए एम आर बी. एड. कॉलेज, गाजियाबाद

Abstract

आज के ये विद्यार्थी ही कल देष के नागरिक होंगे। यही विद्यार्थी देष के कर्णधार बनेंगे तथा देष के विकास में उन्हें अपना योगदान देना होगा। यदि उन्हें देष का कर्मठ, प्रबुद्ध, समर्पित तथा ईमानदार नागरिक बनाना है तो उनके बहुमुखी व्यक्तित्व विकास, बौद्धिक, नैतिक व चारित्रिक उन्नयन में किसी स्तर पर कमी नहीं रहनी चाहिए। अतः विद्यार्थियों के लिए आज इस प्रकार की षिक्षा की आवष्यकता है जो उनमें समायोजन, स्वयं के प्रति उचित एवं सकारात्मक दृष्टिकोण, उत्तम सामाजिक व्यवहार तथा हमारी संस्कृति के अनुरूप शाष्वत मूल्यों का विकास करके अंततः उनके व्यक्तित्व का इस प्रकार विकास करे कि वे राष्ट्र और समाज के प्रति अपने दायित्वों का पूर्ण निर्वहन कर श्रेष्ठ नागरिक सिद्ध हो सकें। ऐसा होने पर ही भावी चिकित्सक रोगी की जान की कीमत समझेंगे, वकील सत्य का साथ देंगे तथा षिक्षक राष्ट्र निर्माता का अपना दायित्व निभा सकेंगे। व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों के व्यक्तित्व के इन गुणों के विकास से सम्बन्धित तथ्यों की खोज का प्रयास षोधकर्Ÿाा अपने अनुसंधान में करेगा।

Keywords
विद्यार्थी, नागरिक, कर्णधार
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