अमृतलाल नागर – हिन्दी उपन्यास जगत के ख्याति-प्राप्त कलाकार
| Vol-3 | Issue-12 | December 2018 | Published Online: 10 December 2018 PDF ( 102 KB ) | ||
| Author(s) | ||
| डा0 पिंकी शर्मा 1 | ||
|
1पूर्व शोध छात्रा, आगरा कालेज, आगरा (उ0प्र0) |
||
| Abstract | ||
अमृतलाल नागर आधुनिक हिन्दी साहित्य जगत के ख्याति-प्राप्त कलाकार हैं, उनकी कृतियों में सजग सामाजिक चेतना का निर्वाह सर्वत्र मिलता है । समाज की समस्याओं का निकट से अध्ययन करने के उपरान्त उनका गुण-दोषमय विवेचन करने में उनको पूर्ण सफलता प्राप्त हुयी है । सामाजिक बुराइयों के मूल कारणों को उद्घाटित करने में नागर जी की दृष्टि अधिक रमी है । सामाजिक यथार्थ एवं साहित्य का ऐसा अपूर्व संयोजन उनके सामाजिक एवं साहित्यक जीवन में निरन्तर साधना करते रहने का ही परिणाम है । जीवन के प्रति, समाज के प्रति अपने निष्पक्ष तथा पूर्वाग्रहविहीन सांस्कृतिक दृष्टिकोंण के कारण उनके उपन्यासों में सांस्कृतिक चेतना का अनूठा व्यवहार दृष्टव्य है । इस विवेचन से यह स्पष्ट होता है कि नागर जी की साहित्य साधना उत्तरोत्तर विकासमान है। उनका उपन्यास साहित्य एक प्रकार से उनके व्यक्तित्व का ही विकास है । |
||
| Keywords | ||
| उपन्यासकार, संस्कृतिस्वरूप | ||
|
Statistics
Article View: 1107
|
||

