जनसंचार में हिन्दी भाषा
| Vol-6 | Issue-04 | April-2021 | Published Online: 15 April 2021 PDF ( 117 KB ) | ||
| DOI: https://doi.org/10.31305/rrijm.2021.v06.i04.004 | ||
| Author(s) | ||
डाॅ. आकांक्षा जैन
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1सहा. प्राध्यापक, भाषा विभाग, प.म.ब. गुजराती वाणिज्य महाविद्यालय, नसिया रोड, इंदौर, म.प्र. पिनकोड- 452001 |
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| Abstract | ||
आज वैश्वीकरण के दौर में संचार माध्यमों की व्यापकता उत्तरोत्तर बढ़ती ही जा रही है। चूँकि संचार के क्षेत्र में भाषा मुख्य रूप से सहभागी होती है। बिना भाषा के जनसंचार की परिकल्पना ही संभव नहीं है। सृष्टि के आरंभ से आज तक जनसंचार के साथ-साथ संचार साधनों माध्यमों का अनवरत् विकास होता जा रहा है। चूँकि संचार साधनों में हिन्दी को बढ़ावा देने हेतु हिन्दी में परिभाषिक शब्दों का आवर्तन एक स्वाभाविक प्रक्रिया है और उससे कहीं अधिक आवश्यक और उपर्युक्त भी। |
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| Keywords | ||
| जनसंचार, भाषा, वैज्ञानिक, सामाजिक, श्रोता | ||
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