मिथिला की लोकगाथाओं में वर्णित इतिहास का अध्ययन
| Vol-4 | Issue-02 | February 2019 | Published Online: 20 February 2019 PDF ( 426 KB ) | ||
| Author(s) | ||
| कुमारी रिचा 1 | ||
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1शोधप्रद छात्रा, प्राचीन भारतीय इतिहास पुरातत्व एवं संस्कृति विभाग, ललित नारायण मिथिला विश्वविदयालय, कामेश्वर नगर दरभंगा के सामाजिक विज्ञान संकाय |
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| Abstract | ||
यह शोध इतिहासकारों को ऐतिहासिक मिथिला भूमि की लोकगाथाओं में वर्णित मिथिलांचल तिरहुत के गौरवशाली इतिहास को समझने की समीक्षा करता है। मिथिला की लोक गाथाएँ विश्व प्रसिद्ध देवीए भगवान राम की पत्नी और उनके पिता दार्शनिक राजा जनक की शानदार भूमि की एक प्रामाणिक यात्रा है। मैत्रेयी, मंडावी, गार्गी, महिला विद्वान, याज्ञबालक और विद्यापति जैसी महान विभूतियों के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है । मिथिला ज्ञान और सीखने की केंद्र भूमि है जो नेपाल तराई के साथ.साथ भारत के बिहार राज्य में भी स्थित है। मिथिला संस्कृति नेपाल की दूसरी महत्वपूर्ण संस्कृति है और इसकी दूसरी भाषा मैथिली है ,।मिथिला को गौरवगाथा यहां की लोकगाथाएं है । लोकगाथाओं में मुख्यत लोरीकी, सलहेस आदि का वर्णन इस शोध के सार्थकता को बल देता है । |
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| Keywords | ||
| मिथिला , मैथिली तिरहुत मिथिला लोकगीत लोरिकी, सलहेस गाथाए , दीनाभद्री | ||
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