लोक और लोक साहित्य की विधाएँ: एक अनुशीलन

Vol-5 | Issue-7 | July-2020 | Published Online: 15 July 2020    PDF ( 138 KB )
DOI: https://doi.org/10.31305/rrijm.2020.v05.i07.009
Author(s)
डाॅ. रचना जैन 1

1पी.डी.एफ. शोधार्थी, हिन्दी अध्ययनशाला, विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन (म.प्र.)

Abstract

'लोक साहित्य' ग्रामीण जन समुदाय का साहित्य है। यह ही एक ऐसा साहित्य है जो सामान्य लोकजीवन की भावनाओं, उनकी आकांक्षाओं को व्यक्त कर सकता है। यह सुख-दुःख, आशा-निराशा, आचार-विचार, रीति-रिवाज, पीड़ा, चिंता, हर्ष-विषाद आदि पक्षों को उजागर करता है। अतः कह सकते है कि लोक साहित्य, लोकसंस्कृति का दर्पण है।

Keywords
साहित्य, लोक, मौखिक परम्परा, लोकगीत, लोककथा, लोकगाथा, लोक कहावतें।
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