वाल्मीकि रामायणकालीन भारतीय समाज

Vol-4 | Issue-04 | April 2019 | Published Online: 15 April 2019    PDF ( 119 KB )
Author(s)
रचना 1

1शोधार्थी, वाल्मीकि रामायणकालीन भारतीय समाज, दक्षिण भारत हिन्दी प्रचार सभा, मद्रास

Abstract

साहित्य समाज का प्रतिबिम्ब होता है। रामायण के संदर्भ में भी यह बात सटीक बैठती है। वाल्मीकि कृत रामायण में तत्कालीन अथवा रामायणकालीन समाज में अनेक ऐसे प्रसंग आते हैं जिन्हें भारतीय समाज के संदर्भ में विश्लेषित करें तो वे मूलतः भारतीय समाज के ही हैं। विभिन्न प्रकार की लोक-प्रथाएँ, गीत, संस्कार, त्योहार आदि, जिनका वर्णन वाल्मीकि रामायण में हुआ है, वे सभी भारतीय समाज की ही पहचान एवं प्रतीक हैं।

Keywords
रामायण, भारतीय समाज, संस्कृति
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