सामाजिक सहभागिता के परिप्रेक्ष्य में महिला ग्राम प्रधानों का दृष्टिकोण: गया जिला ग्राम पंचायत का एक सर्वेक्षणात्मक अध्ययन

Vol-3 | Issue-12 | December 2018 | Published Online: 10 December 2018    PDF ( 142 KB )
Author(s)
मंजू कुमारी 1

1सहायक शिक्षिका, प्राथमिक विद्यालय, उत्तरी सैदपुर, महेन्द्रू पटना।

Abstract

व्यक्ति के सामाजिक जीवन को निर्धारित करने में सामाजिक स्थितियों का महत्वपूर्ण स्थान होता है। उसका सामाजिक पक्ष समाज के साथ अन्तःक्रिया के तरीके को प्रभावित करता है। विकासशील समाजों में जहाॅ जाति और रक्त सम्बन्ध सामाजिक सम्बन्धों को प्रभावित करते हैं वहीं जीवन स्तर की भिन्नता तथा विभिन्न समूहों तथा क्षेत्रों की उपसंस्कृति का असर भी प्रभावित होता है। पंचायती राज संस्थाओं के आधुनिक अध्ययनों में शासन के विभिन्न स्तरों यथा- राष्ट्रीय, प्रान्तीय या स्थानीय अध्ययनों में प्रतिनिधियों की आर्थिक पृष्ठभूमि के साथ-साथ सामाजिक पृष्ठभूमि को अत्यधिक महत्व दिया जा रहा है। इसका मुख्य कारण यह धारणा है कि इस तरह के अध्ययन के द्वारा शक्ति के संकेन्द्रण का पता लगया जा सकता है। प्रस्तुत अध्ययन में पंचायती राज व्यवस्था के अन्तर्गत महिला सहभागिता के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण का अध्ययन किया गया है। ग्राम पंचायतों में सहभागी महिलाओं का सामाजिक, पारिवारिक, आर्थिक स्तर से संबंधित जानकारी प्राप्त करना तथा उनका शैक्षणिक स्तर, विभिन्न महत्वाकांक्षा और मूल्यों के स्तर का अवलोकन इस आलेख द्वारा किया गया है।

Keywords
विकासशील, उपसंस्कृति, सहभागिता, संकेन्द्रण
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