वर्तमान में महिलाओं के प्रति बढ़ता यौन शोषण एवं यौन उत्पीड़नः एक विश्लेषण
| Vol-4 | Issue-11 | November 2019 | Published Online: 16 November 2019 PDF ( 146 KB ) | ||
| Author(s) | ||
मनीष कुमार सैनी
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1(सीनियर रिसर्च फेलो), समाजशास्त्र एवं समाजकार्य विभाग, हे.न.ब.गढ़वाल (केन्द्रिय) विश्वविद्यालय, श्रीनगर (गढ़वाल) उत्तराखण्ड। |
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| Abstract | ||
महिला उत्पीड़न एक सार्वभौमिक प्रघटना है। कोई भी काल, स्थान और परिस्थियाँ रही हों, प्रत्येक समाज में महिलाओं की स्थिति सदैव ही दोयम दर्जे की रही है लेकिन वर्तमान में स्थितियाँ बदल रही हैं अब महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो रही हैं लेकिन पूर्णता का अभाव है। पुरुष के समक्ष उसे सदैव ही कमजोर और निम्न स्तर का माना गया है तथा यह विश्वास प्रकट किया गया है कि उसे सदैव पुरुष के अधीन ही रहना चाहिए अब यह स्थिति भी बदल रही है भले ही थोड़ा अपवादस्वरूप हो लेकिन बदल रही है। यदि भारतीय सामाजिक व्यवस्था के संदर्भ में महिलाओं की स्थिति की समीक्षा की जाये तो एक समय तो उसे बहुत ही श्रेष्ठ, सम्माननीय और गौरवपूर्ण समझा जाता था जब विभिन्न युगों में नारी महानता की अनेकानेक घटनाएं हुआ करती थीं और उनके त्याग, करूणा, दया, शुचिता और परोपकार से भरी पड़ी थीं। लिहाजा वर्तमान में हमें उन सब बातों को फिर से अम्ल में लाना होगा। |
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| Keywords | ||
| महिला, यौन उत्पीड़न, यौन हिंसा, सर्वोच्च न्यायालय एवं जाति। | ||
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