मृण्मूर्तियों में प्रतिबिम्बित लोकजीवन का एक अध्ययन

Vol-4 | Issue-5 | May 2019 | Published Online: 25 May 2019    PDF ( 254 KB )
Author(s)
अवधेश कुमार चौधरी 1

1प्राचीन इतिहास पुरातत्व एवं संस्कृति विभाग, नेहरू ग्राम भारती मानित् विश्वविद्यालय‚ कोटवॉ‚ जमुनीपुर–दुबावल‚ इलाहाबाद

Abstract

व्यक्ति एक सामाजिक प्राणी है और समाज का व्यक्ति पर प्रभाव अवश्यमेव होता है। इसी रूप में कलाकार भी अपना व्यक्तित्व रखता है और कला के माध्यम से समाज को प्रतिबिम्बित करता है। साहित्य तथा कला समाज के दर्पण हैं। एक में कल्पना की उड़ान तथा घटनाओं का विवेचन मिलता है तो कला-कृतियों में लोकजीवन का रूप दृष्टिगोचर होता है।

Keywords
सामाजिक प्राणी, प्रतिबिम्बित, लोकजीवन, कला समाज
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