भारतीय जीवन मूल्य और हिंदी कथा साहित्य
| Vol-3 | Issue-09 | September 2018 | Published Online: 07 September 2018 PDF ( 392 KB ) | ||
| Author(s) | ||
| Dr. PADMA 1 | ||
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1Assistant Professor, Department of Hindi, M.P. college For women |
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| Abstract | ||
जीवन के साथ जुडा शब्द है ’मूल्य’ । चिंतन के क्षेत्र में तो इस शब्द का प्रयोग हमेशा होता है। व्यावहारिक रुप में भी इस शब्द का प्रयोग होता है । आदर्श और मूल्य में भी सूक्ष्मतम फर्क है। व्यावहारिक "मूल्य" शब्द ’मापने की कसौटी’ के तौर पर प्रयोग किया जाता है, पर यहाँ ’मूल्य’ यानी संपूर्ण मानवी व्यवहार से अभिप्रेत है। ’मूल्य’ शब्द गौरवता को दर्शाता है। इसे ही अंग्रेजी में वैल्यूज कहा जाता है। संस्कृत के आधारपर ’मूलेन समोमूल्य’ कह सकते है। अर्थपरिवर्तन के कारण इस शब्द में बड़ी व्यापकता पाई जाती है। संक्षेप में गुणों को मूल्य कह सकते है। |
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| Keywords | ||
| भारतीय जीवन मूल्य, कथा, मूल्य | ||
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