भारत में ग्राम पुलिसिंग: एक अध्ययन (उ.प्र. के विशेष संदर्भ में)

Vol-3 | Issue-10 | October 2018 | Published Online: 10 October 2018    PDF ( 237 KB )
DOI: https://doi.org/10.5281/zenodo.1461101
Author(s)
डॉ. विजेन्द्र सिंह 1

1एसोशिएट प्रोफ़ेसर एवं विभागाध्यक्ष; रक्षा एवं स्त्रातेजिक अध्ययन; सकलडीहा पी. जी. कोलेज, सकलडीहा चन्दौली उ. प्र.

Abstract

1947 ई. के पूर्व लगभग सम्पूर्ण भारत में ग्राम पुलिसिंग सामान्यतः गाँव के मुखिया (Headman) के अधीन ग्राम चौकीदार (Village chowkidar) के द्वारा सम्पादित की जाती थी | ग्राम मुखिया तथा ग्राम चौकीदार से समुदाय (Community) के सेवक के रूप में कार्य करने की अपेक्षा की जाती थी | अद्द्यापी सैदान्तिक तौर पर ये ब्रिटिश साम्राज्य के अधीनस्थ अधिकारियो के प्रति उत्तरदायी होते थे | 1947 के पश्चात् ग्राम मुखिया के कार्य एवं शक्तियाँ काफी हद तक सीमित कर दी गयीं | अद्द्यापी लगभग पुरे भारत में ग्राम पुलिसिंग की यह प्रणाली न्यूनाधिक संशोधनो के साथ जारी है | अपराध में कमी लेन एवं गाव सभा के जीवन में शान्ति व व्यवस्था बनाये रखने हेतु ग्राम्य पुलिस की अवधारणा का विकास हुआ |

Keywords
ग्राम चोकीदार, पुलिसिंग, मुखिया
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