भारत में कृषि अवधारण के विभिन्न स्वरूप

Vol-4 | Issue-02 | February 2019 | Published Online: 20 February 2019    PDF ( 253 KB )
Author(s)
डॉ. चंचल शर्मा 1

1सहायक आचार्य, लोक प्रशासन विभाग, सेन्ट विलफ्रेड पी.जी. कॉलेज, मानसरोवर, जयपुर, राजस्थान (भारत)

Abstract

प्राचीनकाल से ही भारत कृषि प्रधान देष रहा है इसका कारण भारतीय प्रायद्वीप में गंगा व सिन्धुघाटी तथा मालवा क्षंेत्र अपने प्राकृतिक स्वरूप में कृषि योग्य थी। भारत की लगभग 90 प्रतिषत जनसंख्या अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर है।स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद अनेक योजनाओं कृषि सम्बन्धी कार्यों पर विषेष ध्यान दिया गया लेकिन अभी भी भारतीय कृषि की उत्पादकता का स्वर बहुत नीचा है तथा अधिकांष किसानों की आर्थिक स्थिति बहुत दयनीय है।

Keywords
भारतीय कृषि , ऐतिहासिक प्रवृत्ति , कृषि के विभिन्न स्वरूप विकास कार्यक्रमों को प्राथमिकता , सामान्य व विषिष्ट कृषि।
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