भारत-अमेरिका संबंधः 123 असैन्य परमाणु समझौते के संदर्भ में
| Vol-5 | Issue-4 | April-2020 | Published Online: 16 April 2020 PDF ( 106 KB ) | ||
| Author(s) | ||
| प्रवेश कुमार 1 | ||
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1शोधार्थी, राजनीति विज्ञान विभाग, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर (राज.) |
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| Abstract | ||
123 भारत-अमेरिकी असैन्य परमाणु समझौता 2007 के 40 पृष्ठों के दस्तावेज को समझने से पूर्व इस पहलू पर गौर करना आवश्यक है कि भारत के विरूद्ध इस समझौते में ऐसा कोई तत्व न हो, जिसके जरिए अमेरिकी सहयोग से बने तारापुर रिएक्टर को ईधन आपूर्ति बंद करने जैसी घटना दोहराई जाए। दूसरा, भारत को किसी भी सूरत में भविष्य में सामरिक सुरक्षा की दृष्टि से परमाणु परीक्षण करने के अपने अधिकार को नहीं छोड़ना चाहिए। अंततः भारत को अपने परमाणु हथियार को अन्तर्राष्ट्रीय निगरानी के लिए नहीं खोलना चाहिए। भारतीय नागरिक एवं वैज्ञानिक इस परमाणु सौदे को इन तीन बातों के आधार पर देख रहे थे और उन्होंने यह महसूस किया कि इससे भरत का घरेलू परमाणु कार्यक्रम प्रभावित नहीं होगा। |
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| Keywords | ||
| असैन्य, परमाणु, रिएक्टर, तकनीकी, फास्ट ब्रीडर, महाशक्ति, सामरिक। | ||
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