बेरोजगार युवाओं की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति
| Vol-1 | Issue-7 | July 2016 | Published Online: 10 July 2016 PDF ( 145 KB ) | ||
| Author(s) | ||
| डाॅ० पुष्पा राय 1 | ||
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1एसोसिएट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, समाजषास्त्र विभाग,श्री अरविन्द महिला काॅलेज, पटना |
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| Abstract | ||
कागज का उद्देश्य भारत में बेरोजगार और नियोजित युवाओं के कारणों और पहचान की पहचान करना है। ऐतिहासिक और वर्तमान आंकड़ों का सांख्यिकीय विश्लेषण भारत में साक्षर युवाओं के रोजगार के स्तर के संबंध में किया गया है। वे लोग जो अपने नियमित खर्च के लिए नौकरी नहीं पाते हैं और लंबे समय तक बेरोजगार रहते हैं, जबकि वे खुद के होने की उम्मीद करते हैं, अपने सामान्य आत्म और मनोवैज्ञानिक व्यवहार में कुछ हताहतों का सामना करते हैं। भारतीय अर्थव्यवस्था के बीच अन्य देश की सामाजिक-आर्थिक स्थिति के साथ तुलना करने का प्रयास किया जाता है और वर्तमान बेरोजगार युवाओं की स्थिति पर एक सर्वेक्षण किया गया है। |
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| Keywords | ||
| बेरोजगारी, सामाजिक-आर्थिक स्थिति, जनसांख्यिकीय लाभांश, निवेश आदि। | ||
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