बिलासपुर में अनुसूचित जनजाति के सामाजिक-आर्थिक स्थिति का आंकलन

Vol-4 | Issue-6 | June 2019 | Published Online: 12 June 2019    PDF ( 199 KB )
Author(s)
शास्त्री ललित कुमार 1; संतोष इंदु (डॉ.) 2

1शोधार्थी (वाणिज्य)ए वाणिज्य विभागए डॉ. सी. व्ही. रामन विश्वविद्यालयए कारगिरोड, कोटा, बिलासपुर (छ.ग.), भारत

2सह-प्राध्यापिका, प्रबंधन विभाग, डॉ. सी. व्ही. रामन विश्वविद्यालय, कारगिरोड, कोटा, बिलासपुर (छ.ग.), भारत

Abstract

यह शोध पत्र विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत बैंकों से प्राप्त वित्तीय सहायता के आलोक में बिलासपुर जिले की अनुसूचित जनजातियों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का आकलन और अध्ययन करने का प्रयास करता है। कोटा ब्लॉक को अध्ययन क्षेत्र के रूप में चुना गया है और संरचित प्रश्नावली का उपयोग करके 100 परिवारों के बीच सर्वेक्षण किया गया। परिणाम से पता चलता है कि अनुसूचित जनजाति के लोगों ने मुख्य रूप से कृषि उद्देश्यों के लिए सरकारी योजनाओं के तहत विभिन्न वित्तीय संस्थानों द्वारा प्रदान की गई वित्तीय सहायता का लाभ लेना शुरू किया गया है ताकि वे अपनी फसल के उत्पादन को बढ़ा सकें और अपने सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों में सुधार कर सकें। यह अध्ययन यह निष्कर्ष निकालता है कि कुल मिलाकर, बिलासपुर जिले के कोटा ब्लॉक में जनजाति के लोगों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में आंशिक विकास हुआ है।

Keywords
सामाजिक-आर्थिक, सामाजिक, वित्तीय संस्थान, अनुसूचित जनजाति, जनजाति, बैंक।
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