बदलते परिदृश्य में भारत -चीन संबंधों के आर्थिक एवं रणनीतिक आयाम

Vol-4 | Issue-7 | July 2019 | Published Online: 15 July 2019    PDF ( 145 KB )
Author(s)
डाॅ. संजय कुमार शर्मा 1

1व्याख्याता राजनीति विज्ञान

Abstract

चीन की कूटनीतिक मानसिकता समझना समकालीन भारतीय विदेश नीति के अर्थवेद को फिर से साकार देने के लिए महत्वपूर्ण बिन्दु हो गया है। हाल ही नई दिल्ली में ‘‘चाईना इन दा 21 सेंचुरी व्हाट इंडिया नीड्स टु नो अबाउट चाईनाज वल्र्ड व्यू’’ (21वीं सदी में चीन-भारत को चीन के वैश्विक दृष्टिकोण के बारे में कितने ज्ञान की जरूरत) विषय पर ग्लोबल इंडिया फाउंडेशन के दूसरे वार्षिक सुब्रह्यणियम् स्मृति व्याख्यान में इस पहलू के बारे में विस्तार से चर्चा हमारे पूर्व विदेष सचिव श्याम शरण द्वारा की गई। शरण ने इस बैठक में कहा कि ‘‘भारत को चीन की रणनीतिक मानसिकता के बारे में वृहतर सुविज्ञता की जरूरत है,वे तीखे थे जब उन्होंने कहा कि कपट चीनी रणनीतिक संस्कृति का एक आंतरिक अवयव हैं। जरूरत इस बात की है कि हमारे रणनीतिकार और कूटनीतिज्ञ चीनी रणनीतिक टूल बाॅक्स में मौजूद इस महत्वपूर्ण उपकरण को समझंे और इससे प्रभावकारी ढंग से निपटना सीखें।’’

Keywords
प्रतिबद्धिता, प्रतिस्पद्र्धात्मक, डाॅलर कूटनीति, चेक बुक कूटनीति, टूल बाॅक्स, रणनीतिक संस्कृति, महत्वपूर्ण उपकरण
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