पन्ना नगर का ऐतिहासिक जल प्रबंधन (रियासतकालीन तालाबों के विशेष संदर्भ में)
| Vol-6 | Issue-04 | April-2021 | Published Online: 15 April 2021 PDF ( 282 KB ) | ||
| DOI: https://doi.org/10.31305/rrijm.2021.v06.i04.002 | ||
| Author(s) | ||
शैलेन्द्र शर्मा
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1शोधार्थी, इतिहास विभाग, डाॅ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर, (म.प्र.) |
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| Abstract | ||
हीरों की नगरी के रूप में प्रसिद्ध पन्ना नगर बुंदेलखंड में पन्ना रियासत की राजधानी के रूप में एक महत्वपूर्ण शहर था। राजधानी नगर की जल संबंधी नियमित आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ पन्ना नगर के तालाब अकाल से निपटने के साधन के रूप में भी उपयोगी सिद्ध हुए हैं। पन्ना नगर के तालाबों के इतिहास एवं उनकी वर्तमान स्थिति का अध्ययन जल-संकट के दौर में अत्यंत प्रासंगिक है। |
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| Keywords | ||
| पन्ना के तालाब, धर्म सागर, जल प्रबंधन, पन्ना जल-संकट, लोकपाल सागर, बुंदेलखंड का जल-संकट | ||
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