पद्रहवीं लोकसभा में विपक्ष की भूमिका

Vol-4 | Issue-03 | March 2019 | Published Online: 13 March 2019    PDF ( 105 KB )
Author(s)
Ashish Kumar 1

1(Ph.D) PGT GSSS MOHARI Bhano Kheri (Ambala) (India)

Abstract

लोकतान्त्रिक शासन प्रणाली में विपक्ष की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। आज लोकतान्त्रिक व्यवस्था राजनीतिक दल रूपी पहियों के ऊपर ही गतिमान होती है। अब चुनावी मौसम चल रहा है विश्व का सबसे बडा लाकतान्त्रिक देश भारत अपने 17वीं लोकसभा चुनाव की तैयारी में है। 1952 के प्रथम आम चुनाव से आज तक के समय में भारतीय लोकतान्त्रिक प्रणाली मजबूत हुई है जिसमें सबसे अधिक योगदान राजनीतिक संस्थाओं और राजनीतिक दलों का है। वैसे तो भारत में द्विदलीय प्रणाली नहीं है फिर भी विपक्ष की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रही है। 15 वी लोकसभा खास रही इसकी वजह इस लोकसभा में हुए घोटाले थे। 2जी स्पैक्ट्रम राष्ट्रमण्डल खेल घोटाला, कोल आवंटन आदि इन सभी मुद्दों पर विपक्ष ने सरकार पर अपना आक्रमक रूप रखा और लगातार सरकार पर दबाव बनाया। मेरे इस शोध पत्र का उद्देश्य 15 वी लोकसभा में विपक्ष की कार्यशैली को अध्ययन करना है।

Keywords
विपक्ष, 2जी स्पैक्ट्रम, राष्ट्रमण्ल, सिविल सोसायटी।
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