नेपाल में राजनीतिक जागरण एवं संविधान व्यवस्था के प्रयास
| Vol-2 | Issue-11 | November 2017 | Published Online: 30 November 2017 PDF ( 112 KB ) | ||
| Author(s) | ||
| डॉ. राजेश कुमार 1 | ||
| Abstract | ||
कुल मिलकर नेपाल में 1950 के बाद आधुनिकरण व राजनीतिक विकास की प्रक्रिया जटिल रही है 1950 में नेपाल में राजनीतिक परिवर्तन तो हो गया लेकिन 1950 से 1990 तक सीधे तौर पर राजा की सर्वाेच्चता बनी रही। राजा ने अपने तरीके से एक सीमित रूप में ही राजनीतिक परिवर्तन की आज्ञा दी साथ ही जो अभिजन वर्ग चाहे वह नौकरशाही हो, सेना हो या शिक्षित विशिष्ट हो वर्ग हो तो वह राजशाही के प्रमुख समर्थक के रूप में रहे। इसका परिणाम यह निकला कि एक ऐसे अभिजन वर्ग का उदय हुआ जो कि परंपरागत आधार लिए हुए था तथा लोकतंत्र के आने के बाद भी उसके स्वरूप को बदलना कठिन हुआ। 1996 में माओवादी आंदोलन के शुरू होने पर पहली बार इस परंपरावादी अभिजन वर्ग को चुनौती मिली। |
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| Keywords | ||
| संविधान, राजा ,राजमुकुट, साम्यवादी, राजतंत्र, राजनैतिक परिवर्तन, आधुनिकीकरण, संवैधानिक व्यवस्था | ||
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