नेपाल का राजनैतिक परिवेश एवं विदेश नीति की वर्तमान चुनौतियां
| Vol-6 | Issue-03 | March-2021 | Published Online: 15 March 2021 PDF ( 223 KB ) | ||
| DOI: https://doi.org/10.31305/rrijm.2021.v06.i03.013 | ||
| Author(s) | ||
प्रकाश
1
|
||
|
1शोधार्थी, राजनीति विज्ञान विभाग, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर (राजस्थान) |
||
| Abstract | ||
दक्षिण एशिया मंे नेपाल की अवस्थिति ने अन्तर्राष्ट्रीय समुदाय एवं स्वयं को महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक स्थिति प्रदान की है। नेपाल की सीमा रेखा ने दक्षेस के सभी राष्ट्रों के लिए आशाएं एवं वर्चस्व की चुनौती पेश की है, देश के प्राकृतिक संसाधन, तकनीकी एवं पूँजीगत क्षमता, राजनीतिक व्यवस्था में पुरातन एवं नवीन प्रणाली के मध्य संघर्ष, देश के समृद्ध इतिहास एवं गौरवपूर्ण संस्कृति ने प्राकृतिक रूप से सुन्दर देश वर्तमान समय में सामरिक दृष्टि से वैश्विक पटल पर महत्वपूर्ण स्थान रखता है। शुरूआती दौर में राजशाही शासन व्यवस्था की प्रणाली थी लेकिन समय के साथ इसके खिलाफ माओवादियों ने सड़क से संसद तक का सफर तय किया और 2006 में लोकतंत्र की नयी किरण जगी, लेकिन सर्वसम्मति के अभाव में विरोध के स्वर मुखर हुए जिसका दोषारोपण भारत पर आया। नेपाल की परिवर्तित विदेश नीति ने भारत की चिंताओं को नजरअंदाज कर चीन के साथ सामरिक संबंध स्थापित किये जो अविश्वास की भावना पैदा करता है। इस शोध-पत्र का उद्देश्य नव लोकतांत्रिक नेपाल की संतुलित विदेश नीति एवं इसके क्रियान्वन का अध्ययन करना है। |
||
| Keywords | ||
| प्राकृतिक संसाधन, पूँजीगत क्षमता, सामरिक दृष्टि, सर्वसम्मति, संतुलित नीति, लोकतंत्र | ||
|
Statistics
Article View: 484
|
||


