तुलनात्मक शासन प्रणाली एवं धर्म

Vol-4 | Issue-01 | January 2019 | Published Online: 20 January 2019    PDF ( 212 KB )
Author(s)
डाॅ. रेणु सिंह 1

1शिक्षिका राजनीति विज्ञान श्री रामलखन सिंह सर्वोदय उच्चतर विद्यालय, पुनाईचक, पटना

Abstract

कौटिल्य के अर्थशास्त्रा के विभिन्न प्रकरणों में शासन तंत्रा, मंत्रिपरिषद् एवं संस्थाओं का विशद् विश्लेषण है, साथ ही शासनतंत्रा में संस्थाओं की परंपरागत एवं नवीन विध्यिों के मध्य समन्वय के द्वारा राज-व्यवस्था को चित्रित करने का एक प्रयास है। विभिन्न स्रोतों एंव अर्थशास्त्रा से प्राप्त तथ्यों के आधर पर बृहत मौर्यसाम्राज्य की शासन संस्थाओं के विकास और उसमें राजा के बाद महत्वपूर्ण मंत्रिपरिषद् का उल्लेख है, जिसके द्वारा संपूर्ण शासनतंत्रा को राजा के सर्वोच्च निर्णय के निकट लाना, शासन-व्यवस्था की सपफलता को संपूर्ण तंत्रा मानता है।

Keywords
साम्राज्य, मंत्रिपरिषद् , राजशासन, मगध जनपद, दिव्यावदान।
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