डाॅ0 श्याम सिंह शशि के बालकाव्य में राष्ट्रीय चेतना़: एक अध्ययन

Vol-4 | Issue-5 | May 2019 | Published Online: 25 May 2019    PDF ( 100 KB )
Author(s)
प्रो0 दिनेश चंद्र चमोला 1; दीपक प्रसाद रतूड़ी 2

1विभागाध्यक्ष, भाषा एवं आधुनिक ज्ञान विज्ञान, उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय, बहादराबाद

2शोध छात्र, भाषा एवं आधुनिक ज्ञान विज्ञान, उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय, बहादराबाद

Abstract

वर्तमान समय में कवियों ने कविताओं के माध्यम से राष्ट्रीय चेतना की भावना संचारित की है। डाॅ0 श्याम सिंह शशि की कविताओं द्वारा भी राष्ट्रीय चेतना के विकास के लिए अभूतपूर्व योगदान दिया गया है। उन्होंने विभिन्न आयुवर्ग के बालक-बालिकाओं को ऐसा राष्ट्रीय स्तर का साहित्य प्रदान किया जो उन्हें राष्ट्रीय चेतना, व्यक्तित्व निर्माण, राष्ट्रप्रेम व सामाजिक सहिष्णुता से ओत-प्रोत करे। राष्ट्रीय चेतना डाॅ0 श्याम सिंह शशि की कविताओं का मूल है जिसमे उन्हांेने अपने देश की उपलब्धियों तथा भावी सम्भावनाओं का वर्णन किया है। इनकी देशभक्ति व राष्ट्रीय चेतना की कविताओं ने जनजीवन में देशप्रेम की भावना भरने का सुन्दर प्रयास किया है। डाॅ0 श्याम सिंह शशि के बाल काव्य में कविताओं पर दृष्टिपात करने से यह परिलक्षित होता है कि उनकी ये कविताएं बालकों में राष्ट्रीय चेतना को विकसित करने हेतु एक मील का पत्थर है। डाॅ0 श्याम सिंह शशि ने ‘नन्हे सैनिक’ नामक बालगीतों के माध्यम से बच्चों मंे राष्ट्रीय चेतना भरी है। डाॅ0 शशि की कविताएं बच्चों को बालवीर व नन्हें सैनिक के रूप में देखती हैं। राष्ट्रीय चेतना की भावनाओं से ओत-प्रोत अपनी बाल कविताओं के माध्यम से डाॅ0 शशि ने बच्चों को राष्ट्रप्रेम व देशभक्ति का पाठ पढ़ाया है।

Keywords
राष्ट्रीय, बालवीर, बाल कविता, देशभक्ति।
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