ट्रेड वार: एक वैश्विक समस्या
| Vol-4 | Issue-03 | March 2019 | Published Online: 13 March 2019 PDF ( 124 KB ) | ||
| Author(s) | ||
| Mohit 1 | ||
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1M.A (Political Science), NET Qualified |
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| Abstract | ||
संपूर्ण विश्व एक समाज के रूप में ढल गया है। प्रत्येक राष्ट्र अन्य राष्ट्र की हर प्रकार से सहायता करता है उदाहरण के लिए राजनैतिक, आर्थिक, सामाजिक, व्यापारिक आदि। यही संबंध किसी भी राष्ट्र की उन्नति को बढ़ावा देते है लेकिन जब कोई राष्ट्र अपने स्वार्थपूर्ण हितों के कारण नीतियों में बदलाव अर्थात् नियमों का पालन न करे तो असंतुलन उत्पन्न हो जाता है। इससे सहयोग की स्थिति खत्म हो जाती है और तनाव उत्पन्न हो जाता है। ऐसी तनाव की स्थिति में राष्ट्रों के मध्य आर्थिक, व्यापारिक सहयोग की भावना निर्बल हो जाती है। जिससे एक मानसिक द्वंद उत्पन्न होता है। प्रत्येक राष्ट्र अपने हक में नियमों का पालन करता है, व्यापार में उत्पन्न ऐसी स्थिति को ही ’ट्रेड वार’ कहा जाता है। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में अमेरिका चीन तथा यूरोपियन यूनियन बड़ी अर्थव्यवस्था है। ’ट्रेड वार’ का मुख्य कारण राष्ट्रों की स्वार्थपूर्ण तथा संरक्षणवादी नीतियां ही है। जिसके चलते अन्य देशों के उत्पादों पर शुल्क बढ़ा या उत्पादों को प्रंतिबंधित कर दिया जाता है। |
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| Keywords | ||
| ट्रेड वार, संरक्षवाद, सब्सिडी, टैरिफ, विश्वव्यापी मंदी, W.T.O, GATT. | ||
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