गैर-सरकारी क्षेत्र में महिलाओं की सामाजिक व आर्थिक स्थितिः एक समाज शास्त्रीय अध्ययन
| Vol-4 | Issue-03 | March 2019 | Published Online: 13 March 2019 | ||
| Author(s) | ||
| प्रवीन कुमार 1 | ||
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1शोधार्थी, समाजशास्त्र विभाग मदवि, रोहतक |
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| Abstract | ||
आदिकाल से महिलाएं प्रत्येक क्षेत्र में अपने वर्चस्व का उदाहरण प्रस्तुत करती आयी है और वे अपनी योग्यता एवं कार्यक्षमता के अनूंरूप प्रत्येक क्षेत्र में कार्यशील रहते हूए, अपने दायित्वों का पूर्ण निर्वहन करती रही हैं। महिलाए गैर-सरकारी व्यवसायों से जुड़कर अपना व अपने परिवार की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने में अपना सहयोग प्रदान करती है, चाहे वे संगठित क्षेत्र हो या असगंठित क्षेत्र इनका योगदान अविस्मरणीय हैं। गैर-सरकारी व्यवसाय से तात्पर्य उस व्यवसाय से है जिसमें महिलाएं स्वयं किसी भी प्रकार का कार्य करती हो जैसेः- श्रम मजदूरी के रूप में करना, दुकान चलाना, हथकरधा, गलेफ रंगना, खेतो में काम करना आदि अनेक क्षेत्रों में कार्यरत होती है। ये गैर-सरकारी व्यवसायिक क्षेत्र महिलाओ को सशक्त बनानते है, प्रस्तुत अध्ययन के अंतर्गत झज्जर शहर के गैर-सरकारी व्यवसायिक क्षेत्र में सामाजिक आर्थिक स्थिति का मूल्यांकन किया गया है। |
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| Keywords | ||
| गैर-सरकारी व्यवसाय दुकान चलाना, हथकरधा, गलेफ रंगना | ||
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