अँग्रेजी बनाम हिन्दी बनाम अन्य भारतीय भाषाएँ : शिक्षा-माध्यम के विशेष संदर्भ में
| Vol-5 | Issue-10 | October-2020 | Published Online: 15 October 2020 PDF ( 322 KB ) | ||
| DOI: https://doi.org/10.31305/rrijm.2020.v05.i10.010 | ||
| Author(s) | ||
| आराधना साव 1 | ||
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1शोधार्थी, हिन्दी विभाग, प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय, कोलकाता |
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| Abstract | ||
व्यक्ति को अगर शिक्षा अपनी भाषा में प्राप्त करने की सुविधा न मिले तो वह कहीं न कहीं अपनी भाषा में शिक्षा प्राप्त करने वाले लोगों से पिछड़ने लगता है । उसकी आधी क्षमता तो उस दूसरी भाषा को सीखने व समझने में लग जाती है । इस तरह उस व्यक्ति को अपने व्यक्तित्व के विकास का समान अवसर नहीं मिल पाता है । वहीं दूसरी तरफ भाषा विमर्श में हिन्दी बनाम अँग्रेजी का वर्चस्व इतना अधिक है कि बाकी भारतीय भाषाएँ एकदम हाशिए पर नजर आते हैं और इसलिए उन भाषाओं के व्यवहार करने वाले लोगों की हित की बातें भी कम होती है । इस शोध-पत्र में इन्हीं मुद्दों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा माध्यम में अँग्रेजी बनाम हिन्दी बनाम अन्य भारतीय भाषाओं की स्थिति पर विचार किया गया है एवं उसके आधार पर निष्कर्ष तक पहुंचा गया है । |
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| Keywords | ||
| भाषा, हिन्दी, अँग्रेजी, भारतीय, शिक्षा, आठवीं अनुसूची, संविधान । | ||
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