बाँका जिला (बिहार) के संदर्भ में भूमि उपयोग प्रतिरूप: एक भौगोलिक अध्ययन

Vol-5 | Issue-9 | September-2020 | Published Online: 15 September 2020    PDF ( 454 KB )
DOI: https://doi.org/10.31305/rrijm.2020.v05.i09.062
Author(s)
गौरव कुमार 1

1अतिथि व्याख्याता भूगोल विभाग, टी॰ एन॰ बी॰ काॅलेज, भागलपुर , तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर

Abstract

भूमि संसाधन धरातल पर मनुष्य द्वारा किये गये सभी विकास कार्यों अपने में समाहित करता है। भूमि पर मनुष्य द्वारा विभिन्न क्रियाकलाप किये जाते हैं। अतः भूमि एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन है। यह सामाजिक धरोहर और पीढ़ी दर पीढ़ी के लिए जीवन-यापन का स्रोत है। यही कारण है कि भूमि उपयोग भौगोलिक अध्ययन का सर्वाधिक महत्वपूर्ण उपादान हो गया है। इसके अन्तर्गत शुद्ध बोयी गई भूमि, कृषि योग्य बंजर भूमि, गैर-कृषि कार्यों में लगी कृषि, ऊसर और गैर-कृषि भूमि, विविध गाछी एवं फसलें, स्थायी चारागाह, वन, चालू परती भूमि, अन्य परती भूमि सम्मिलित है। बाँका जिला बिहार के दक्षिण-पूर्वी भाग में स्थित है। प्रस्तुत आलेख का उद्देश्य जिले के भूिम उपयोग प्रतिरूप का विस्तृत अध्ययन करना, कृषि क्षेत्र पर निरंतर बढ़ रहे जनसंख्या के दबाव को कम करना, भूिम उपयोग आयोजन प्रस्तुत करना और इसके द्वारा रोजग़ार की संभावनायें तलाशना, प्राकृतिक संसाधनांे के उचित उपयोग के प्रति लोगांे में जागरूकता पैदा करना व भूिम के दुरूपयोग को नियंत्रित करना।

Keywords
संसाधन, बंजर भूमि, ऊसर, कृषि, प्राकृतिक।
Statistics
Article View: 435