स्वयं समूह संगठनों द्वारा महिला उत्थान

Vol-3 | Issue-07 | July 2018 | Published Online: 05 July 2018    PDF ( 199 KB )
Author(s)
Tarang Nagrani 1; Dr. Sandhya Bohre 2

1Research scholar

Abstract

महिलाओ को वर्तमान में चाहे जिस भी कठिनाई का सामना करना पड़ता हो, किन्तु फिर भी वह कार्यकारी होना पसन्द करती है क्योंकि आज सामाजिक जीवन में जो परिवर्तन हो रहे हैं, उससे लागो का जीवन स्तर बढ़ा है और मानसिक सोच में भी अन्तर आया है। महिला सशक्तिकरण के प्रसार के साथ महिलाओं में आई जागृति ने उन्हें दोहरी भूमिका निभाते हएु अपने नए रूप को प्रस्तुत किया है। उसे घर से बाहर निकलकर अपनी आर्थिक, सामािजक, पारिवारिक और मनावैज्ञानिक आवष्यकताओं की पूर्ति हेतु नई प्रगतिशील पहल करने की ठान ली है।

Keywords
मनावैज्ञानिक, सामाजिक, प्रगतिशील
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