समकालीन सितार प्रदर्शन की उत्पत्ति (जयपुर और मैहर घराने के संदर्भ में)
| Vol-1 | Issue-7 | July 2016 | Published Online: 10 July 2016 PDF ( 91 KB ) | ||
| Author(s) | ||
| Dr. Nutan Kavitkar 1 | ||
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1Lecturer (Department of Music), Govt. Meera Girls college Udaipur Rajasthan |
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| Abstract | ||
शाब्दिक रूप से अनुवादित घराना मूल रूप से एक परिवार का अर्थ है। उस घराने की शैली का अर्थ है संगीतकारों के एक विशेष परिवार द्वारा शुरू की गई शैली घराने या शैली का नामकरण उस शहर ध् कस्बे से संबंधित है जिसमें दीक्षा संगीतकार रहते थे जैसे रामपुर, ग्वालियर, पटियाला किराना, आदि। दूसरी ओर, जब एक विशेष संगीतकार ने मुखर संगीत, वाद्य संगीत या नृत्य की एक विशेष शैली में एक उत्कृष्ट आयाम जोड़ा, तो उसका घराना उसके नाम से जाना जाता है। उदा. लमदादखंज या विलायतखानी घराना या पंडित रविशंकरजी की सितार वादन की शैली आदि। |
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| Keywords | ||
| आयाम, सितार, घराना | ||
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