राजनीति सिद्धान्त की अवधारणा: सामान्य विश्लेषण
| Vol-4 | Issue-7 | July 2019 | Published Online: 15 July 2019 PDF ( 100 KB ) | ||
| Author(s) | ||
| Dr. Irsad Ali Khan 1 | ||
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1Associate Professor, Political Science, Government Bangur College, Didwana |
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| Abstract | ||
बुनियादी तौर पर राजनीतिक सिद्धान्त का संबंध दार्शनिक तथा आनुभविक दोनों दृष्टियों से राज्य की संघटना से है। राज्य तथा राजनीतिक संस्थााओं के बारे में स्पष्टीकरण देने, उनका वर्णन करने और उनके संबंध में श्रेष्ट सुझाव देने की कोशिश की जाती है। निःसेदह, नैतिक दार्शनिक प्रयोजन का अध्ययन तो उसमें अंतर्निहित रहता ही है। राजनीतिक चिंतक वाइन्सटाईन ने गागर में सागर भरते हुए कहा है कि राजनीतिक सिद्धान्त मुख्यतः एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें प्रश्न पूछे जाते है, उन प्रश्नों के उत्तरों का विकास किया जाता है और मानव के सार्वजनिक जीवन के संबंध में काल्पनिक परिप्रेक्ष्यों की रचना की जाती है। इतिहास के पूरे दौर में राजनीतिक सिद्धान्त इन प्रश्नों का उत्तर देता रहा है। |
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| Keywords | ||
| राजनीतिक, सिद्धान्त, राज्य। | ||
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