मराठा साम्राज्य और यूरोपीय शक्तियों का आगमन एवं प्रादुर्भाव
| Vol-3 | Issue-02 | February 2018 | Published Online: 28 February 2018 PDF ( 149 KB ) | ||
| Author(s) | ||
| पुष्पा कुमारी 1 | ||
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1M.A., B.Ed., NET (History) |
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| Abstract | ||
मध्यकालीन भारत अत्यधिक उथल-पुथल, शासनकाल में परिवर्तन, प्रजा का पतन तथा अनेक कठिनाईयों से जूझ रहा था। विभिन्न देशों का आक्रमण जिनमें मुख्य रूप से अरबों का आक्रमण तथा उस समय की सामाजिक स्थिति, महमूद गजनवी का आक्रमण, सल्तनतकाल, विजयनगर साम्राज्य तथा उस समय हिन्दू समाज की सामाजिक स्थिति तथा मुगलकाल तत्पश्चात् पश्चिमी शक्तियों का आगमन जिसमें प्रमुख रूप से पुर्तगाल, डच, अंग्रेज तथा फ्रांसीसी आदि ने भारत को झिंझोड़ कर रख दिया था। |
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| Keywords | ||
| सामाजिक स्थिति, महमूद गजनवी सल्तनतकाल, विजयनगर साम्राज्य | ||
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