भावी अध्यापकों में जीवन कौशल का अध्ययन
| Vol-4 | Issue-5 | May 2019 | Published Online: 15 May 2019 PDF ( 233 KB ) | ||
| Author(s) | ||
| Anju Soni 1; Prof. M.P. Sharma 2 | ||
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1Research Scholar, Department of Education, Pecific University Udaipur (India) 2Retired Principal, Vidya Bhawan G.S. Teacher Training College, Udaipur (India) |
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| Abstract | ||
आधुनिकरण, शहरीकरण, भूमण्लीकरण एवं जन संचार माध्यमों की अधिकता ने युवाओं की आकांक्षा, जीवन मूल्यों व दृष्टिकोणों को बदल दिया है जिसके परिणाम स्वरूप वर्तमान शिक्षा अध्यात्मवाद से हटकर भौतिकवाद के गर्त में प्रविष्ठ हो गई जिससे वर्तमान पीढ़ी शारीरिक, मानसिक, भावात्मक पक्षों के साथ-साथ नैतिकता व मूल्यहीनता की समस्याओं से अत्यधिक ग्रसित हैं अतः इनके उपचार व समाधान के लिए जीवन कौशल शिक्षा का प्रासंगिक होना अत्यन्त आवश्यक परिलक्षित होता है। ऐसी स्थिति में निर्माणकत्र्ता के रूप में भावी अध्यापक ही सशक्त माध्यम होता हैं जिसके द्वारा समाज में परिवर्तन लाया जाता है प्रस्तुत शोध अध्ययन का प्रमुख उद्देश्य शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालयों में अध्ययनरत भावी अध्यापकों में जीवन कौशलों की स्थिति का अध्ययन करना हैं साथ ही साथ भावी अध्यापकों में जीवन कौशलों के तीनों आयामों की स्थिति की तरफ ध्यान केन्द्रित करने का एक प्रयास है। प्रस्तुत शोध अध्ययन में भावी अध्यापकों में जीवन कौशल शिक्षा के विकास के लिए सुझाव भी दिये गये हैं। यह शोध पत्र गुणवत्तापूर्ण शिक्षण को सफल बनाने हेतु एक सार्थक प्रयास हैं। |
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| Keywords | ||
| आधुनिकरण, शहरीकरण, भूमण्लीकरण | ||
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