भारत द्वारा चावल का निर्यात: एक आलोचनात्मक विश्लेषण (बासमती चावल के विशेष संदर्भ में)
| Vol-4 | Issue-02 | February 2019 | Published Online: 20 February 2019 PDF ( 305 KB ) | ||
| Author(s) | ||
| डाॅ0 ऋषि विवेकधर 1; दुर्गेश कुमार 2 | ||
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1असिस्टेंट प्रोफेसर, ए0एन0एम0 पी0जी0 काॅलेज, बलिया 2शोध छात्र अर्थशास्त्र विभाग (नेहरू ग्राम भारती डीम्ड विश्वविद्यालय कोटवा जमुनीपुर प्रयागराज |
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| Abstract | ||
कृषि क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है और इसके द्वारा अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग भी किया जाता रहा है। कृषिगत वस्तुओं के निर्यात भारतीय निर्यातों के एक महत्वपूर्ण अंग रहे हैं और यह प्रत्याशा की जाती है कि भविष्य में भी भारतीय निर्यातों की वृद्धि में कृषिगत उत्पादों के निर्यातों की भूमिका और अंशदान अधिक होगा। वैश्विक बाजार में भारत बासमती चावल का एक महत्वपूर्ण निर्यातक देश है। बासमती चावल लम्बे आकार का महक लिए हुए प्रजाति होती है जिसको कुछ विशिष्ट भौगोलिक दशाओं में उत्पादित किया जाता है। भारत में विशेष रूप से हिमालय के निचले भागों में इसका उत्पादन किया जाता है। भारतीय अर्थव्यवस्था में बासमती चावल का उत्पादन जम्मू और कश्मीर, हिमांचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखण्ड, पश्चिम उ0प्र0 तथा दिल्ली से सटे कुछ क्षेत्रों में किया जाता है। सऊदी अरब, ईरान, UAE कुवैत, यू0एस0ए0, कनाडा, ओमान इत्यादि बासमती चावल के महत्वपूर्ण आयातक देश हैं। |
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| Keywords | ||
| शोध छात्र अर्थशास्त्र विभाग (नेहरू ग्राम भारती डीम्ड विश्वविद्यालय कोटवा जमुनीपुर प्रयागराज | ||
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