भारत की परमाणु नीति, पाकिस्तान के विशेष परिपेक्ष्य मेंः एक अवलोकन

Vol-4 | Issue-8 | August 2019 | Published Online: 16 August 2019
Author(s)
Dr. Vishal Singh 1

1Assistant. Professor, S.R.S.PG. College, Kumhar, Bharatpur, Rajasthan (India)

Abstract

भारत के प्रति पाकिस्तान का दृष्टिकोण सदैव सन्देहात्मक रहा है और जब भी भारत ने सम्बन्ध सुधारने के प्रयास एवं पहल की है तभी पाकिस्तान ने अपने नापाक इरादे का संकेत देते हुए मुकरने का हर सम्भव प्रयास किया है। भारत-पाक सम्बन्ध की कहानी दो पड़ोसी राष्ट्रों की विभिन्न धार्मिक, सामाजिक एवं आर्थिक विचारधाराओं तथा अन्तर्राष्ट्रीय दृष्टिकोण एवं राष्ट्रीय हितों के साथ जुड़ी है इन्हीं आपसी मतभेदों के कारण दोनों के मध्य कटु सम्बन्ध आज तक बरकरार है। भारतीय उप-महाद्वीप के इन दोनों राष्ट्रों के मध्य व्याप्त तनाव का लाभ बड़ी शक्तियों ने सदैव से उठाया है, क्योकि उनकी अपने हथियारों के बिक्री के लिए एक बड़ा बाजार मिलता रहा है। पाकिस्तान सदैव से भारत-विरोधी हौवा खड़ा करके अमेरिका से सैनिक एवं आर्थिक सहायता प्राप्त करता रहा है। आर्थिक एवं सैनिक सहायता से प्राप्त धनराशि से ही अपनी राष्ट्रीय अर्थ-व्यवस्था का संचालन करना उसकी मजबूरी एवं नियति बन चुकी है। इसी कारण वहां के शासक सदैव से ही भारत-विरोधी दृष्टिकोण अपनाते रहे है। भारत को शिकस्त देना अब पाकिस्तान की राजनीति, विदेश नीति तथा कूटनीति का एक आवश्यक उद्देश्य बन चुका है।

Keywords
परमाणु, निशस्त्रीकरण, शस्त्रीकरण, जैविक, प्रत्युत्तर, सन्देहात्मक, प्रक्षेपास्त्र।
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