भारतीय और पाश्चात्य कवियों में ‘‘काव्य लक्षण’’ के सामंजस्य जनिक विशेषताओं का समन्वय
| Vol-4 | Issue-04 | April 2019 | Published Online: 15 April 2019 PDF ( 272 KB ) | ||
| Author(s) | ||
डाॅ. पी. बी. महानंदे
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1जनता महाविद्यालय चंद्रपूर |
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| सामंजस्य- संगति, औचित्य, अनूकुलता; समन्वय-संयोग, संबध्द फल; ग्राहय-ग्रहण करना, आत्मसात; अंलकारमयी - रचनागत शब्द योजना; यथार्थवाद - सत्य, प्रकृत, उचित | ||
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